कृषि

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना

शीर्षक विवरण
मिट्टी
मुख्य रूप से चिकनी मिट्टी, बलुआही मिट्टी, क्षारीय मिट्टी और गंगाकारी मिट्टी इस जिले में 
पाए जाते हैं जो कृषि के लिए अच्छे हैं।
सिंचाई
जिले के भीतर योजनाबद्ध सिंचाई की सुविधा पर्याप्त नहीं है। मुख्य रूप से सिंचाई प्रणाली 
के दो स्रोत हैं एक गंडक नहर है और अन्य सरकारी नलिकाएं हैं। गंडक नहर के दो प्रभाग 
हैं। एक सारण कैनल डिवीजन, गोपालगंज और दूसरा सारण कैनल डिवीजन भोरे। कुल 
शुद्ध सिंचाई क्षेत्र 98,352.64 हेक्टेयर है। ये दो सिंचाई प्रणालियां, जिले के कुल खेती 
योग्य भूमि क्षेत्र के 45% से कम को हीं सिंचित कर पाती हैं। किसान या तो मानसून या 
निजी सिंचाई प्रणाली पर निर्भर करते हैं यानी वहां के क्षेत्र के सिंचाई के लिए हाथ पंप, 
बोरिंग, स्थानीय जल भंडारण या तालाबों पर।
फसलें
इस क्षेत्र में गेहूं, धान, चना, अरहर, मक्का, सरसो, तिशी, आलू, ईंख जैसे सभी 
प्रकार के अनाज और फसलें पाई जाती हैं। लेकिन गेहूं, धान, मक्का, ईंख और हरी 
सब्जियां जिले की मुख्य फसलें हैं।
वनस्पति
गोपालगंज हरित क्षेत्र के अंतर्गत आता है। जिले में बबूल, नीम, शिशम, आम, 
सागवान, कटहल, साल, शखुवा, पीपल, बरगद आदि लगभग सभी प्रकार के पेड़ 
और पौधे पाए जाते हैं।
वर्षा
गोपालगंज अच्छे वर्षा की गिरावट के क्षेत्र में स्थित है। मानसून जून के तीसरे 
सप्ताह में आम तौर पर जिले को छूता है और सितंबर तक जिले में वर्षा होती है।
कृषि का मुख्य कारण अच्छी बारिश है। जिले में औसत बारिश 1009 मिमी है।

वित्तीय वर्ष 2016-17 में सी एम एच एम एवं पी एम के एस वाई  से लाभान्वित कृषकों की सूची